● एक पूर्ण रासायनिक समीकरण अभिकारक, उत्पाद एवं प्रतीकात्मक रूप से उनकी भौतिक अवस्था को प्रदर्शित करता है।
● रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों, जिनमें रासायनिक परिवर्तन होता है, अभिकारक कहलाता है।
● रासायनिक अभिक्रिया से जिन नए पदार्थों का निर्माण होता है, उाद कहलाते हैं।
● रासायनिक समीकरण को सन्तुलित किया जाता है जिससे समीकरण में अभिकारक तथा उत्पाद दोनों ही ओर रासायनिक समीकरण में भाग लेने वाले प्रत्येक परमाणु की संख्या समान हो। समीकरण सन्तुलित होना आवश्यक है।
● संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।
● वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है।
● जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के साथ ऊष्मा का भी उत्सर्जन होता है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
● जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्मा कहते हैं।
imp- जब कोई एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया होती है।
● दिविस्थापन अभिक्रिया में अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।
● अभिक्रिया से अविलेय लवण प्राप्त होता है।
● अभिक्रिया में पदार्थों से ऑक्सीजन या हाइड्रोजन का योग अथवा हास भी होता है। ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास आक्सीकरण या उपचयन कहलाता है। ऑक्सीजन का हास या हाइड्रोजन का योग अपचयन होता है।
प्रश्न 1. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है? (NCERT, 2018 )
उत्तर- लोहा, कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील तत्त्व है इसलिए यह कॉपर सल्फेट विलयन में से कॉपर को विस्थापित कर देता है। अभिक्रिया का समीकरण निम्नवत् है-
Fe(s) + CuSO4 (aq) FeSO 4 (aq) + Cu(s)
अभिक्रिया के फलस्वरूप विस्थापित कॉपर लोहे की कील पर जम जाता तथा आयरन सल्फेट का विलयन प्राप्त होता है जिसका रंग कॉपर सल्फेट के विलयन से हल्का होता है।
प्रश्न 2. निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। (a) संक्षारण (b) विकृतगंधिता (NCERT)
उत्तर- (a) संक्षारण-जब कोई धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के सम्पर्क में आती है तब यह संक्षारित होती है और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। चाँदी के ऊपर काली परत व ताँबे के ऊपर हरी परत चढ़ना संक्षारण के प्रमुख उदाहरण हैं।
(b) विकृतगंधिता– जब वसा और तेल तथा उनमें बनाये गये खाद्य पदार्थ वायु की ऑक्सीजन से क्रिया करके ऑक्सीकृत हो जाते हैं तो उनमें एक विशेष गंध आने लगती है तथा उनका स्वाद भी खराब हो जाता है। इस प्रक्रिया को ही विकृतगंधिता कहते हैं। अचार व मुरब्बों का खुली वायु में रखने पर खराब हो जाना विकृतगंधिता का प्रमुख उदाहरण है।
प्रश्न 3. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए। (NCERT)
उत्तर- श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं, क्योंकि इसके अन्तर्गत भोजन छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है जिसके फलस्वरूप ऊर्जा उत्पन्न होती है जो हमारे शरीर को कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है।
श्वसन क्रिया को समीकरण रूप में निम्नवत् व्यक्त किया जा सकता है
C6H1206 + 602 ग्लूकोज़ ऑक्सीजन 6CO 2 कार्बन डाइऑक्साइड + 6H20 + ऊर्जा जल
By Raj vikram Singh
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